जब टूटा शिवधनुष, तो गूंज उठी मिथिला: श्रीराम कथा में धनुष भंग का सजीव वर्णन”
फतेहपुर 15/03/2026: उत्तम उद्योग व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा में आज कथा पंडाल भक्ति के चरम पर रहा। कथा व्यास परम श्रद्धेय चंदन कृष्ण जी महाराज ने प्रभु श्रीराम द्वारा ‘धनुष भंग’ एवं ‘सीता स्वयंवर’ के अलौकिक प्रसंग का ऐसा सजीव चित्रण किया कि उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
चंदन कृष्ण जी महाराज ने वर्णन किया कि जब बड़े-बड़े राजा शिवधनुष को हिला तक न सके और महाराज जनक ने हताशा में कहा— “अब जनि कोउ माखै भट मानी, बीर बिहीन मही मैं जानी”, तब महर्षि विश्वामित्र के संकेत पर प्रभु श्रीराम ने विनम्रता के साथ धनुष की ओर प्रस्थान किया।
जैसे ही श्री राम ने ‘पिनाक’ धनुष को हाथ लगाया और उस पर प्रत्यंचा चढ़ाई, वह एक भीषण टंकार के साथ दो खंडों में विभक्त हो गया। यह दृश्य देख देवताओं ने पुष्प वर्षा की और ‘जय श्री राम’ के नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो गया।
माता जानकी ने सखियों के मधुर गीतों के बीच आकर प्रभु के गले में वरमाला डाली। यह प्रसंग केवल एक विवाह नहीं, बल्कि जीव और ब्रह्म के मिलन का प्रतीक है।
उत्तम उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष एवं कथा संयोजक कृष्ण कुमार तिवारी एवं जिला कार्यकारिणी के सदस्यों ने सामूहिक आरती की। कथा संयोजक कृष्ण कुमार तिवारी ने कहा कि— “प्रभु श्रीराम का जीवन हमें संकट के समय धैर्य और गुरु की आज्ञा का पालन करना सिखाता है। व्यापारियों के लिए भी ‘मर्यादा’ और ‘ईमानदारी’ ही व्यापार का मूल आधार होनी चाहिए।”
आज की कथा में मुख्य रूप से श्रद्धालुगण को आशीर्वचन हेतु अनन्त श्री विभूषित श्रीमद् प्रयाग पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी ओंकारानंद सरस्वती जी का आगमन हुआ। कथा के मुख्य प्रसंग ‘धनुष भंग’ के उपरांत उपस्थित जनसमूह को अपना दिव्य आशीर्वाद प्रदान करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य जी ने कहा—
“शिव का धनुष मात्र एक अस्त्र नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर विद्यमान अहंकार का प्रतीक था। जब तक संसार के अभिमानी राजा इसे ‘बल’ से उठाना चाहते थे, वे विफल रहे। किंतु प्रभु श्रीराम ने जैसे ही ‘विनय’ और ‘गुरु-आज्ञा’ का आश्रय लिया, वह वज्र के समान भारी धनुष एक तिनके की भाँति खंडित हो गया। आज के युग में भी यदि समाज को सुखी बनाना है, तो हमें अपने व्यापार और व्यवहार में ‘रामत्व’ को उतारना होगा।” शंकराचार्य जी ने आगे कहा कि व्यापार मंडल द्वारा समाज को जोड़ने का यह प्रयास सराहनीय है, क्योंकि मर्यादा पुरुषोत्तम का मार्ग ही राष्ट्र को उन्नति की ओर ले जा सकता है।।
उत्तम उद्योग व्यापार मंडल पदाधिकारी
कृष्ण कुमार तिवारी प्रदेश अध्यक्ष ,मनोज साहू जिला अध्यक्ष ,आकाश भदौरिया युवा जिलाध्यक्ष,धनंजय मिश्रा वरिष्ठ उपाध्यक्ष,श्रवण दीक्षित सचिव,जय किशन महामंत्री,संदीप श्रीवास्तव कोषाध्यक्ष
अनिल महाजन जिला उपाध्यक्ष,निर्मित द्विवेदी प्रदेश उपाध्यक्ष,संजय सिंह जिला उपाध्यक्ष,अतुल कसेरा,शिवप्रसाद मामा,गंगाशरण करवरिया,विकास कश्यप,ओम प्रकाश द्विवेदी ,अभय सोनी और भारी संख्या में क्षेत्रीय व्यापारी व महिलाएं उपस्थित रहीं। कथा के समापन पर ‘सीता-राम’ की झांकी की विशेष आरती उतारी गई और सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।





