एडिटर फतेहपुर विनीत कुमार पाण्डे की रिपोर्ट
जहानाबाद/फतेहपुर 13 नवंबर
इंसान के जीवन में सुख के बजाय दुख अच्छा होता है क्योंकि दुख के समय निरंतर भगवान का चिंतन बना रहता है जीव रूपी इंसान को जीवन का परम लाभ अंत में ईश्वर के स्मरण से ही मिलता है उक्त उदगार गांव बमथरा में पूर्व शिक्षक विधायक लवकुश कुमार मिश्रा के आवास पर चल रही ज्ञान व भक्तमयी श्रीमद् भागवत कथा पुराण में सच्चा बाबा आश्रम प्रयागराज से पधारे आचार्य राघव जी महाराज ने व्यक्त किये।
गांव बंथरा में आयोजित हो रही सात दिवसीय ज्ञान व भक्तिमय श्रीमद् भागवत कथा पुराण के दूसरे दिवस परीक्षित जी के जन्म एंव उनके जीवन लीला की कथा सुनाते हुए कहा कि परीक्षित की पीतामही माता कुंती ने परमात्मा से दुख की याचना की क्योंकि मनुष्य के जीवन में सुख के बजाय दुख का समय अच्छा होता है क्योंकि दुख के समय निरंतर परमात्मा का चिंतन बना रहता है उन्होंने कथा सुन रहे श्रोताओं से श्रीमद् भागवत कथा का श्लोक पढ़ते हुए कहा कि जन्म लाभ: पर: पुसो अंते नारायण स्मृति: अर्थात जीवन का परम लाभ अंत में परमात्मा का स्मरण ही है उन्होंने कथा श्रवण कर रहे श्रद्धालु भक्तों से कहा कि जीवन का मार्ग प्रशस्ति करने के लिए ईश्वर की भक्ति करना अति आवश्यक है। कथा व्यास आचार्य राघव जी महाराज ने भगवान के 26 अवतारों पर व्याख्यान देते हुए विस्तृत चर्चा की। महाराज जी ने कपिलोपाख्यान की कथाएं कहकर दूसरे दिवस की श्रीमद् भागवत कथा को विराम दिया।
इस मौके पर मुख्य यजमान श्रीमती पुष्पा मिश्रा लवकुश कुमार मिश्र प्रमोद शुक्ला राम प्रकाश पांडेय राजेन्द्र दीक्षित कृष्ण कुमार मिश्रा नरेंद्र नाथ मिश्र दिवाकर प्रसाद दीक्षित सत्य कुमार पांडेय कृष्ण नारायण शुक्ला अखिलेश दीक्षित कृष्ण कांत अवस्थी प्रदीप कुमार द्विवेदी उर्फ बउवन दुबे योगेंद्र दीक्षित दिनेश मिश्रा वीरेन्द्र नाथ मिश्रा श्री नारायण पांडेय आदि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।






