तृतीय दिवस आचार्य राघव जी महाराज का दिव्य प्रवचन का अद्भुद संगम

तृतीय दिवस आचार्य राघव जी महाराज का दिव्य प्रवचन का अद्भुद संगम

ध्रुव चरित्र से मिली तप, भक्ति और निष्ठा की सीख`

एनएनआई न्यूज एडिटर फतेहपुर/विनीत कुमार पाण्डे की रिपोर्ट

फतेहपुर। जहानाबाद फतेहपुर बंथरा गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा पुराण के तीसरे दिन शुक्रवार को आचार्य श्री राघव जी महाराज ने अपने प्रेरक वाणी से श्रोताओं को आध्यात्मिक ज्ञान का अमृत पान कराया। उन्होंने जैन धर्म के प्रवर्तक भगवान ऋषभदेव के पुत्र भरत जी की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य को सांसारिक मोह-माया और लोभ का त्याग कर परमात्मा से प्रेम करना चाहिए, क्योंकि मृत्यु समय वही स्मरण आता है जिससे जीवनभर प्रेम किया हो।
महाराज जी ने श्रीमद्भागवत का श्लोक “अन्ते या सा मति:” पढ़ते हुए बताया कि जीव रूपी इंसान की बुद्धि जैसी होती है, अंत समय उसे वैसी ही गति प्राप्त होती है। ध्रुव चरित्र से मिली तप, भक्ति और निष्ठा की सीख कथा के दौरान महाराज जी ने ध्रुव चरित्र का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मात्र चार वर्ष छह माह की अवस्था में ध्रुव जी अपनी विमाता के वचनों से दुखी होकर वन में तपस्या हेतु गए। उनकी कठोर साधना और भक्ति से प्रेरणा लेते हुए महाराज जी ने कहा कि भजन-भक्ति करने के लिए वृद्धावस्था का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि जीवन की शुरुआत से ही ईश्वर का स्मरण करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चा कल्याण केवल भगवान के भजन और सत्संग से ही संभव है। वेदियों की पूजा-अर्चना एवं मूल पाठ संपन्न कथा के पूर्व प्रातःकाल आचार्य पंडित आकाश मिश्रा एवं पंडित निखिल मिश्रा द्वारा वेदियों की विधिवत पूजा-अर्चना कर श्रीमद्भागवत पुराण का मूल पाठ संपन्न किया गया। इस अवसर पर मुख्य यजमान श्रीमती पुष्पा मिश्रा, लवकुश कुमार मिश्र, प्रधानाचार्य डॉ. गिरीश कुमार तिवारी, गिरजा शंकर शुक्ला, संतोष द्विवेदी, राम प्रकाश पांडेय, राजेंद्र दीक्षित, राम प्रकाश द्विवेदी, शिव सिंह परमार, कृष्ण कुमार मिश्रा, नरेंद्र नाथ मिश्र, दिवाकर प्रसाद दीक्षित, सत्य कुमार पांडेय, कृष्ण नारायण शुक्ला, अखिलेश दीक्षित, कृष्ण कांत अवस्थी, योगेंद्र दीक्षित, दिनेश मिश्रा, वीरेंद्र नाथ मिश्रा, श्री नारायण पांडेय समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।


इनसेट

16 नवंबर को आएंगे शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती
बंथरा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में 16 नवंबर, रविवार को शंकराचार्य काशी सुमेरु पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती का आगमन होगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए राजेंद्र प्रसाद दीक्षित ने बताया कि शंकराचार्य रविवार को अपराह्न 2 बजे कथा पंडाल में पहुंचकर कथा श्रवण करेंगे तथा श्रद्धालु भक्तों को आशीर्वचन प्रदान करेंगे।

  • Gopal Ji Nirmit

    निर्मित द्विवेदी जीवनी निर्मित द्विवेदी, जिन्हें "गोपाल जी" के नाम से भी जाना जाता है, एक शिक्षक, पत्रकार और समाजसेवी हैं। उनका जन्म 15 मई 1996 को फतेहपुर, उत्तर प्रदेश के खजुहा में हुआ था। उन्होंने हाईस्कूल श्री पुरुषोत्तम इंटर कॉलेज खजुहा, इंटर दयानंद इंटर कॉलेज बिंदकी से किया। इसके बाद CSJMU कानपुर से B.Sc., इलाहाबाद विश्वविद्यालय से M.Sc. और राजेंद्र प्रसाद राज्जू भैया विश्वविद्यालय प्रयागराज से B.Ed. की डिग्री ली। पिछले 6 वर्षों से वह फतेहपुर के विकास विद्या मंदिर इंटर कॉलेज जहानाबाद में रसायन विज्ञान के PGT व्याख्याता हैं। शिक्षा के साथ-साथ वे पत्रकारिता और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं।

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